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उत्तर प्रदेश में साक्षरता को बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने अनूठी पहल शुरू की है। गांवों में लोगों को शिक्षित बनाने के लिए सरकार ने अफसरों को खासकर उन गांवों पर फोकस करने को कहा है जो लोहिया हैं। इसके अलावा समाजवादी पेंशन योजना का लाभ लेने वाले गरीबों को भी साक्षर किया जा रहा है। इसके तहत गांवों में लोक शिक्षा केंद्र के जरिये लोगों को साक्षर बनाया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने तीन साल में अकेले मुरादाबाद जिले में 75 से अधिक गांवों को लोहिया गांव घोषित किया है। इन गांवों में शिक्षा की बेहतर व्यवस्था के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने कमर भी कसी है।

इसके अलावा समाजवादी पेंशन योजना के तहत गरीबों को हर माह 500 रुपये की आर्थिक मदद तो दी ही जा रही है। साथ ही सरकार इन गरीबों को साक्षर बनाने के लिए अभियान चलाया है। साक्षर होने वाले गरीबों को सरकार हर साल 50 रुपये का इंक्रीमेंट भी दे रही है। योजना की खासियत यह है कि इसमें बीपीएल से इतर गरीब को भी शामिल किया गया है। अभियान के तहत पेंशन पाने वाला यदि पात्र साक्षर है तथा उसके परिवार का हर सदस्य शिक्षित है तो उसे सालाना 50 रुपये का इंक्रीमेंट भी पेंशन में मिलेगा। इन दो योजनाओं के बाद साक्षर बनने की होड़ लग गई है। सरकार की कोशिशों के बाद साक्षरता मिशन के तहत पंजीकरण तेज हो गया है।