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महिलाओं को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की कोशिशों के चलते लखनऊ मेट्रो नारी सशक्तिकरण की एक अलग पहचान बनेगा। आने वाले दिनों में देश के दूसरे शहरों में चलने वाले मेट्रो की अपेक्षा लखनऊ में मेट्रो चलाने और उसे संभालने के लिए टेक्निकल पोस्टों पर ज्यादातर महिलाएं हो सकती हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के प्रदेश की  महिलाओं को सरकारी जॉब में कोटा देने से ऐसा संभव होगा। दरअसल, सरकार की इस नीति की वजह से लखनऊ मेट्रो रेल काॅर्पोरेशन यानी एलएमआरसी ने भी टेक्निकल और नॉन टेक्निकल पोस्टों के लिए 20 फीसदी महिलाओं का कोटा निर्धारित कर रखा है। जबकि देश दूसरे शहरों में मेट्रो जॉब में इस तरह का कोई कोटा नहीं है। 

लखनऊ मेट्रो कॉरपोरेशन में कई टेक्निकल पोस्टों के लिए वैकेंसी निकाली थी। इसमें बीस से तीस फीसदी महिलाओं ने अप्लाई किया है। ज्यादातर देखा जाता है कि टेक्निकल पोस्टों के लिए महिलाएं काफी कम संख्या में ही अप्लाई करती हैं। इस बात को एलएमआरसी ने भी माना है कि मेट्रो में टेक्निकल पोस्टों के लिए अब तक यह सबसे ज्यादा महिलाओं की अप्लीकेशन है। महिलाओं में सबसे ज्यादा रुचि स्टेशन कंट्रोलर, ट्रेन ऑपरेटर की पोस्ट को लेकर देखी गई है। अब तक इस पोस्ट के लिए पुरुष ही ज्यादा अप्लाई करते थे, लेकिन इस बार एलएमआरसी की इन 97 पोस्टों के लिए 20286 अप्लीकेशन आए हैं। इनमें 3827 अप्लीकेशन महिलाओं के हैं, जोकि कुल अप्लीकेशन का 19 फीसदी है। जेई सिग्नलिंग और टेलीकम्यूनिकेशन की 16 पोस्टों के लिए 2301 महिलाओं में अप्लाई किया है, जोकि कुल वैकेंसी का 28 फीसदी है। इसमें कुल 8294 वैकेंसी आई हैं।

एलएमआरसी के एमडी के कुमार केशव का कहना है कि यूपी में महिलाओं का नए क्षेत्रों में आगे बढ़ना एक अच्छा संकेत है। इससे पहले इन वैकेंसियों के लिए देश दूसरे शहरों में महिलाओं में इतना उत्साह नहीं देखा जा सकता था। सिर्फ चेन्नई को छोड़ दे तो बाकी शहरों में सिर्फ एक से दो फीसदी तक ही महिला ऑपरेटर हैं। यहां तक की दिल्ली मेट्रो में भी सिर्फ 3&4 वुमेन ट्रेन ऑपरेटर हैं। एलएमआरसी ने दो महीने &पहले 11 कैटेगरी में 254 पोस्टों के लिए वैकेंसी निकाली थी। इसमें नौ कैटेगरी में टेक्निकल पोस्ट हैं। इनमें जूनियर इंजीनियर, इलेक्ट्रिकल, जेई, सिग्नलिंग और टेलीकम्यूनिकेशन, मेंटेनर इलेक्ट्रिकल, मेंटेनर सिविल आदि की वैकेंसी थी।