समाजवादी सरकार इस बार 86 महिलाओं को 8 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार से सम्मानित करेगी। इस महिलाओं में कोई बाघ से लड़ गया] किसी ने निशक्त होने के बावजूद एवरेस्ट की फतह की। किसी ने अकेले ही साइकिल से कश्मीर से कन्याकुमारी तक सड़क नाप डाली। सरकार ने पिछले साल रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार की शुरुआत की थी। इस बार पुरस्कृत होने वाली महिलाओं में गाजियाबाद की एसिड अटैक से पीड़ित दो युवतियां भी है और चार फ्रांसीसी लड़कियां भी। पुरस्कार पाने वालों में 40 ग्राम प्रधान और नौ स्वयंसेवी संस्थाएं होंगी। इनके अलावा दो पर्वतारोही] दो महिला पुलिस कर्मियों का नाम भी पुरस्कार पाने वालों की सूची में है।

सूची में शामिल बहराइच की गुलैचा का साहस अचंभित करने वाला है। वह बच्चे को बचाने के लिए बाघ से लड़ गयी थीं जबकि लखनऊ की ऊषा विश्वकर्मा ने लड़कियों से होने वाली छेड़छाड़ रोकने के लिए रेड ब्रिगेड बना ली है| जो 24 घंटे काम करती है। बहराइच की रेखा ने छेड़छाड़ करने वालों को जो सबक सिखाया] वह उस क्षेत्र में मिसाल है। पुरस्कार पाने वालों में शामिल फ्रांसीसी लड़कियों ने राज्य की राजनीति का विज्ञान समझने के लिए आॅटो से यूपी घूमा
और यहां मिले सहयोग का फ्रांस तक प्रचार किया था। इनके अलावा गाजियाबाद की दो एसिड पीड़िताओं, साहिबाबाद की शाइना परवीन और राजनगर की सोनिया चैधरी को भी पुरस्कार के लिए चुना गया है। शासन द्वारा निमंत्रण पत्र भेजा गया है। पुलिस सुरक्षा के बीच दोनों को लखनऊ ले जाया जाएगा। दोनों युवतियों को पांच-पांच लाख का चेक मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा दिया जाएगा। रानी लक्ष्मीबाई सम्मान योजना के तहत सहयोग राशि इन युवतियों को स्वयं का रोजगार खड़ा करने में उपयोगी साबित होगा।