तीखे वार करते कार्टून देखकर अमूमन लोग असहज या नाराज हो जाते हैं। लेकिन व्यक्तित्व अगर महान हो तो वह ऐसे चित्रण का भी मजा लेता है। ऐसे ही व्यक्तित्व के धनी हैं उत्तर प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव। 

खुद पर बनाए गए कार्टूनों के संग्रह टीपू का अफसाना-हिम्मत-ए-मर्दा का विमोचन करते हुए उन्हें कहा कि कार्टूनिस्ट ने लालटोपी, साइकिल और नाक को मेरी पहचान बना दिया है, जो मेरे लिए गुडलक भी है। अपने नाक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा- यह मेरी बायोलाॅजिकल नाक है, इसमें मैं कुछ नहीं कर सकता। 

अखिलेश ने बताया कि फुटबाॅल उनका पसंदीदा खेल है। एक मैच के दौरान चोट से उनकी नाक टूट गई। नेता जी उन्हें जांच के लिए डाॅ. कक्कड़ के पास ले गए। जांच के बाद डाॅ. कक्कड़ ने पूछा-शादी हो गई? हां सुनते ही कहा, तब नाक ठीक है। इसमें कुछ करने की जरूरत नहीं है। अपने पर बनाए कार्टून का लुत्फ उठाते हुए मुख्यमंत्री ने बताया उन्हें कार्टूनों में खासी दिलचस्पी है। ढेरों कार्टून उनके पास हैं। कोई भी जब उन्हें कार्टून भेजता है तो वे उसे अपने मोबाइल में सेव कर लेते हैं। इसी मौके पर उन्होंने लखनऊ के फैजान अहमद द्वारा सरकार की चार साल की उपलब्धियों पर बनाए गए फोटो फ्रेम का भी विमोचन किया।