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मौका भले ही कितना बड़ा हो, लेकिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपनी सादगी और सहज व्यवहार से हमेशा लोगों का दिल जीत लेते हैं। रायबरेली रोड स्थित वृंदावन योजना के सेक्टर 10 में माता आनंदमयी मठ की ओर से स्थापित अमृता विद्यालयम के उद्घाटन अवसर पर भी ऐसा ही हुआ। यूं तो इस विद्यालय का उद्घाटन मुख्यमंत्री ने ही किया। लेकिन माता अमृतानन्दमयी मठ की अम्मा के प्रति उनका आतिथेय देखते ही बना। अम्मा भी मुख्यमंत्री ने इस व्यवहार से गदगद दिखीं। जैसे ही मुख्यमंत्री ने अम्मा का स्वागत किया, उन्होंने सीएम को चूमकर और पुष्प डालकर उन्हें आशीर्वाद दिया। इस मौके पर मुख्यमंत्री अखिलेश ने कई बार प्रयास किया कि केरल जाकर अम्मा से मिलें, लेकिन यह संभव नहीं हो पाया। अब अम्मा की शिक्षा और माता अमृतानंदमयी मइ के सामाजिक सरोकारों के प्रकाश से अमृत विद्यालयम में बच्चों को संस्कारयुक्त शिक्षा दी जाएगी।

तहजीब की नगरी बेमिसाल संस्कारों का परिचय देने वाले मुख्यमंत्री ने माता अमृतानन्दमयी मठ द्वारा स्थापित अमृता विद्यालयम के उद्घाटन अवसर पर मठ की पहल की सराहना की और शिक्षा के महत्व को भी रेखांकित किया। पर एक और बात अब आम है, वह है मुख्यमंत्री का सहज स्वभाव। अखिलेश यादव ने कहा कि जिस समाज के लोग पढ़े-लिखे होते हैं, वही समाज प्रगति करता है। शिक्षा ही वह बुनियाद है, जिस पर एक बेहतर और विकसित समाज की इमारत तैयार होती है। उत्तर प्रदेश की समाजवादी सरकार इस मामले में पूरी तरह संवेदनशील है। प्रदेश सरकार ने हर स्तर की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के उन्हीं देशों ने तरक्की की जहां शिक्षा और स्वास्थ्य पर पूरा ध्यान दिया गया। इसलिए भारत को विकसित देश बनाने के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर करना और इसे सभी लोगों की पहुंच में लाना बेहद जरूरी है।