बेटियों की बेहतरी के लिए समाजवादी पार्टी की सरकार ने कई योजनाएं चलाई हैं। जब समाज में समानता और हर वर्ग के सम्मान की बात हो तो मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कोई भी पहल करने से हमेशा रुचि. दिखाई है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार  ने आगामी वित्तीय वर्ष से शादी अनुदान योजना के तहत अल्पसंख्यकों की बेटियों के विवाह में 10 हजार रुपये के बजाय 30 हजार रुपये अनुदान देने का निर्णय किया है। इसके लिए इस योजना का बजट 15 करोड़ से बढ़ाकर 82.45 करोड़ रुपये कर दिया है। इससे 27 हजार से अधिक अल्पसंख्यक परिवारों को लाभ मिलेगा। 

इतना ही नहीं, अगर इस योजना में और बजट की जरूरत हुई तो उसे भी सरकार मुहैया कराएगी। इससे पहले भी हमारी बेटी उसका कल योजना के तहत अल्पसंख्यकों के परिवार की 10वीं पास बेटियों को आगे की पढ़ाई या फिर शादी के लिए 30 हजार रुपये अनुदान देती थी। बाद में इस योजना में अधिक से अधिक परिवारों को लाभ पहुंचाने के मकसद अनुदान राशि 20 हजार रुपये कर दी गई। इस राशि को एक बार फिर सरकार ने 30 हजार रुपये कर दिया है। गौरतलब है कि अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में पहले से ही गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले अल्पसंख्यक परिवारों की बेटियों की शादी के लिए एक अनुदान योजना चल रही है। इसमें 10 हजार रुपये अनुदान का प्रावधान है। यह राशि कम होने के चलते प्रदेश सरकार ने हमारी बेटी उसका कल योजना के विकल्प के रूप में इसी योजना को अब नए सिरे से फिर शुरू करने का मन बनाया है। इसमें अनुदान राशि बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने की तैयारी है। 

राज्य सरकार अनुदान देने के नियमों को संशोधित कर ज्यादा से ज्यादा अल्पसंख्यक परिवारों को इस योजना के दायरे में लाने जा रही है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में आज भी शहरी क्षेत्रों में 25540 रुपये से कम वार्षिक आय वाले बीपीएल परिवारों की श्रेणी में माने जाते हैं, जबकि गांव में 18884 रुपये तक की आय वाले ही इस श्रेणी में आते हैं। सरकार इसमें संशोधन कर आय सीमा शहरी क्षेत्र में 56460 व ग्रामीण क्षेत्र में 46080 रुपये करने जा रही है।