उत्तर प्रदेश सरकार ने तेजी से विलुप्त होती गौरैया के संरक्षण का बीड़ा उठाया है। प्रदेश सरकार स्कूलों के जरिये इस दिशा में काम करने जा रही है। गौरैया संरक्षण के लिए प्रदेश के हर जिले में 10 स्कूली बच्चों को प्रशिक्षित किया जाएगा। ये बच्चे अपने स्तर से 10-10 स्कूलों का चयन करेंगे। उन स्कूलों में गौरैया के आशियाना के लिए लकड़ी के 10-10 बाक्स लगाए जाएंगे।

20 मार्च को विश्व गौरैया दिवस पर बच्चों को इसको लेकर जागरूक किया जाएगा। पिछले कुछ वर्षो में पर्यावरण को जिस तरह से नुकसान हुआ है| इससे गौरैया की संख्या में तेजी से कमी आई है। गौरैया जंगलों के बजाय मनुष्य के बीच रहती है और खेतों में लगने वाले कीट इनके प्रमुख आहार होते हैं। इस लिहाज ये किसानों को बहुत फायदा पहुंचाती हैं।