कमजोर और वंचित वर्ग के लोग भी उद्यम लगाने के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार ने अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, महिलाओं और निःशक्तों को उद्योग लगाने के लिए प्रोत्साहित करने का फैसला किया है। इसके लिए इन्हें इंडस्ट्रियल एरिया में जमीन आवंटन और ब्याज में छूट की योजना में प्राथमिकता दी जाएगी। दोनों ही मामलों में इनका हिस्सा तय कर दिया गया है। इसी तरह उद्योग लगाने की विभिन्न योजनाओं के तहत उद्यमियों को ब्याज में छूट की योजना का लाभ मिलता है। इसमें अनुसूचित जाति व जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, निरूशक्त और भूतपूर्व सैनिकों के लिए हिस्सेदारी तय कर दी गई है।

प्रदेश सरकार ने जिलों को ए, बी व सी श्रेणी में वर्गीकृत करते हुए इन्हें क्रमशरू विकसित, विकासशील और अल्प विकसित जिलों के रूप में श्रेणीबद्ध करने का फैसला किया है। बी श्रेणी के जिलों में बैंक व वित्तीय संस्थाएं उद्यम लगाने के लिए ऋण पर 5 प्रतिशत की दर से अधिकतम तीन लाख रुपये प्रति इकाई प्रतिवर्ष की दर से पांच वर्ष तक ब्याज की प्रतिपूर्ति करेगी। सी श्रेणी वाले जिलों में 7 प्रतिशत की दर से अधिकतम तीन लाख रुपये प्रति इकाई प्रतिवर्ष की दर से पांच साल तक ब्याज की प्रतिपूर्ति की जाएगी। शासन ने इस प्रोत्साहन स्कीम में महिला उद्यमी योजना को भी शामिल कर लिया है। ब्याज उपादान की इस स्कीम में महिलाओं को 20 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।